Pauranik Katha

अंधा घोड़ा

शहर के नज़दीक बने एक फॉर्म हाउस में दो घोड़े रहते थे। दूर से देखने पर वो दोनों बिल्कुल ठीक दिखते थे, पर पास जाने पर पता चलता था कि उनमे से एक घोड़ा अँधा है। पर अंधे होने के बावजूद फॉर्म के मालिक ने उसे वहां से निकाला नहीं था। बल्कि उसे और भी …

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लोभ का फंदा

एक धनी व्यक्ति दिन-रात अपने व्यापारिक कामों में लगा रहता था। उसे अपने स्त्री-बच्चों से बात करने तक की फुरसत नहीं मिलती थी। पड़ोस में ही एक मजदूर रहता था जो एक रुपया रोज कमाकर लाता और उसी से चैन की वंशी बजाता। रात को वह तथा उसके स्त्री-बच्चे खूब प्रेमपूर्वक हँसते बोलते। सेठ की …

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मृत्यु एक सत्य हैं

एक राधेश्याम नामक युवक था। स्वभाव का बड़ा ही शांत एवम सुविचारों वाला व्यक्ति था। उसका छोटा सा परिवार था जिसमे उसके माता- पिता, पत्नी एवम दो बच्चे थे। सभी से वो बेहद प्यार करता था। इसके अलावा वो कृष्ण भक्त था और सभी पर दया भाव रखता था। जरूरतमंद की सेवा करता था। किसी …

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घमंडी का सिर नीचा

नारियल के पेड़ बड़े ही ऊँचे होते हैं और देखने में बहुत सुंदर होते हैं। एक बार एक नदी के किनारे नारियल का पेड़ लगा हुआ था। उस पर लगे नारियल को अपने पेड़ के सुंदर होने पर बहुत गर्व था। सबसे ऊँचाई पर बैठने का भी उसे बहुत मान था। इस कारण घमंड में …

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कर भला तो हो भला

एक प्रसिद्द राजा था जिसका नाम रामधन था। अपने नाम की ही तरह प्रजा सेवा ही उसका धर्म था। उनकी प्रजा भी उन्हें राजा राम की तरह ही पुजती थी। राजा रामधन सभी की निष्काम भाव से सहायता करते थे फिर चाहे वो उनके राज्य की प्रजा हो या अन्य किसी राज्य की। उनकी ख्याति …

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अब पछताये होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत

एक परिवार था। जिनके पास बहुत बीघा जमीन थी। घर में चार लड़के थे। चारों खेत में मेहनत मजदूरी करके कमाते थे। परिवार बहुत बड़ा था जितना वे मेहनत करते, उतना उन्हें मिलता ना था क्यूंकि खेत में पानी की कमी थी और मौसम की मार पड़ती ही जा रही थी। जिसके कारण खाने तक …

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इन्सान की सोच ही जीवन का आधार हैं

तीन राहगीर रास्ते पर एक पेड़ के नीचे मिले। तीनो लम्बी यात्रा पर निकले थे। कुछ देर सुस्ताने के लिए पेड़ की घनी छाया में बैठ गए। तीनो के पास दो झोले थे एक झोला आगे की तरफ और दूसरा पीछे की तरफ लटका हुआ था। तीनो एक साथ बैठे और यहाँ-वहाँ की बाते करने …

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हिसाब बराबर

एक डॉक्टर ने नया-नया क्लीनिक खोला तो बाहर बोर्ड टाँग दिया, जिस पर लिखा था, “किसी भी बीमारी का इलाज़ मात्र 300/- रुपये में और अगर हम आपका इलाज़ नहीं कर पाये तो हम आपको 1000/- रुपये देंगे।” यह बोर्ड पढ़कर एक दिन एक आदमी के मन में ख्याल आया कि क्यों न कोई चालाकी …

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उबलते पानी और मेंढक

एक बार एक मेंढक के शरीर में बदलाव करने की क्षमता को जाँचने के लिए कुछ वैज्ञानिकों ने उस मेंढक को एक काँच के जार में डाल दिया और उसमे जार की आधी ऊंचाई तक पानी भर दिया । फिर उस जार को धीरे धीरे गर्म किया जाने लगा, जब गर्मी बर्दाश्त से बाहर हो …

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विजेता मेंढक

बहुत समय पहले की बात है एक सरोवर में बहुत सारे मेंढक रहते थे। सरोवर के बीचों-बीच एक बहुत पुराना धातु का खम्भा भी लगा हुआ था। जिसे उस सरोवर को बनवाने वाले राजा ने लगवाया था। खम्भा काफी ऊँचा था और उसकी सतह भी बिलकुल चिकनी थी। एक दिन मेंढकों के दिमाग में आया …

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