Pauranik Katha

स्कूल का निरिक्षण – शिव जी का धनुष

रामायण के अनुसार सदियों पहले श्री राम ने सीता स्वयंबर के दौरान शिव जी का धनुष तोडा था, जो जनक राज के पास था. एक सरकारी स्कूल का इंस्पेक्शन करने शिक्षा अधिकारी आये हुए थे . एक क्लास में आए और बच्चो से पूछा – “बच्चो ये बताओ की शिव जी का धनुष किसने तोडा …

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स्कूल का निरिक्षण – डबल रोले

एक सरकारी स्कूल का इंस्पेक्शन करने शिक्षा अधिकारी आये हुए थे . एक क्लास में आए और बच्चो से पूछा – “इस क्लास में कौन छात्र एग्जाम में फर्स्ट आया था ?” मोहन ने हाँथ उठाया . शिक्षा अधिकारी – “वैरी गुड .. और सेकंड कौन आया था ?” मोहन ने फिर से हाँथ उठाया …

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स्कूल का निरिक्षण – इंग्लिश विन्ग्लिश

एक सरकारी स्कूल का इंस्पेक्शन करने शिक्षा अधिकारी आये हुए थे . एक क्लास में गए और ब्लाक्बोर्ड पर लिखा “NATURE” (इसे नेचर पढ़ते हैं ) और बच्चो से पूछा – बच्चो क्या तुम लोग इससे पढ़ सकते हो ! सारे के सारे बच्चो नो हाँथ खड़ा कर दिया – सर मैं ! सर मैं …

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हमारे पंजाब में

सरदार जी पहली बार अपने लड़के मोंटी को स्कूटर पर घुमाने निकले . रास्ते मैं अंगूर दिखा . मोंटी चिल्लाया – पापा पापा !! अंगूर खाना हैं ! सरदार जी – हुह ! हमारे पंजाब में तो बड्डे बड्डे अंगूर मिलते हैं ! ये तो अंगूरी हैं अंगूरी ! और आगे बढ़ गए . रास्ते …

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कबीर के आधुनिक दोहे!

यदि कबीर जिन्दा होते तो आजकल के दोहे यह होते: नयी सदी से मिल रही, दर्द भरी सौगात; बेटा कहता बाप से, तेरी क्या औकात; पानी आँखों का मरा, मरी शर्म औ लाज; कहे बहू अब सास से, घर में मेरा राज; भाई भी करता नहीं, भाई पर विश्वास; बहन पराई हो गयी, साली खासमखास; …

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इनामी रकम

चंदू लाल को तैरना नहीं आता था . उन्होंने कसम ली थी की जब तक वो ठीक से तैरना नहीं सीख जायेंगे – पानी में कदम नहीं रखेंगे . सावन का दिन था, गंगा नदी खूब उफान पर थी . चंदू लाल के मित्र मटकानाथ ब्रम्हचारी ने कहा – “चलो चंदुलाल तुमको तैरना सीखा दे …

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मरवा दिया पठान ने!

पठान अपनी बैलगाडी में अनाज के बोरे लादकर शहर ले जा रहा था। अभी गाँव से निकला ही था कि एक खड्डे में उसकी गाड़ी पलट गई। पठान गाड़ी को सीधी करने की कोशिश करने लगा। थोड़ी ही दूर पर एक पेड़ के नीचे बैठे एक राहगीर ने यह देखकर आवाज़ दी, “अरे भाई, परेशान …

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विष्णु जी को ख़त

एक बच्चे को साइकिल चाहिए थी . उसके मा बाप ने मना कर दिया तो वो उदास हो गया . फिर उसके दीमाग में एक ख्याल आया की क्यू नहीं वो भगवान् से साइकिल के पैसे मांग ले . उसने एक लैटर लिखा और डाक खाने के डब्बे मैं दाल दिया . “क्षीर सागर वैकुण्ठ …

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कवि डाकू

एक कवि गरीबी से तंग आके डाकू बन गया . डकैती करने वो बैंक गया और जाके सबके ऊपर पिस्तौल तान दिया और बोला “अर्ज़ किया है … तकदीर में जो हैं , वोही मिलेगा तकदीर में जो है, वोही मिलेगा .. .. हैंड्स उप ! अपनी जगह से कोई नहीं हिलेगा !!” केशियर के …

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यजुर्वेद के आधार पर संदेश

इस धरती पर अधिकतर जीव समूह बनाकर चलते हैं। समूह बनाकर चलने की प्रवृत्ति अपनाने से मन में सुरक्षा का भाव पैदा होता है। मनुष्य का जिस तरह का दैहिक जीवन है उसमें तो उसे हमेशा ही समूह बनाकर चलना ही चाहिये। जिन व्यक्तियों में थोड़ा भी ज्ञान है वह जानते हैं कि मनुष्य को …

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